बिल्ली पर निबंध

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बिल्ली का निबंध - पालतू बिल्ली पर निबंध - बिल्ली की विशेषता - Essay on cat in hindi - Cat essay in hindi - Billi par nibandh

बिल्ली एक छोटा और पालतू जानवर है। बिल्ली दुनिया भर में पायी जानेवाली जानवर है। बिल्ली एक मांसाहारी स्तनधारी जानवर हैं।

यह काली, सफेद, भूरी या चितकबरी आदि कई रंगों में पायी जाती हैं। इसके चार छोटे पैर और एक सुंदर प्यारी पूंछ होती है। उसके शरीर पर कोमल और मुलायम बाल होते हैं। बिल्ली के मूंछे होती हैं। उसकी आँखें गोल और तेज होती हैं। इनकी आँखें भूरी, हरी या पीले रंग की होती हैं जो इन्हे रात में देखने में मदद करती हैं। उसके पैर गद्दीदार होते हैं। इनके पंजे और दाँत बहुत तेज होते हैं। बिल्ली के चलने में शोर नहीं होता है। बिल्ली ‘म्याऊँ-म्याऊँ' बोलती है। इसकी म्याऊं की आवाज बहुत ही प्यारी होती है।

बिल्ली को दूध बहुत अच्छा लगता है। वह चूहों का शिकार भी करती है। बिल्ली को चूहा का शिकार करना अच्छा लगता है। कई लोग घरों में चूहों को दूर रखने के लिए इन्हे पालते हैं। बिल्लियों की दौड़ने और छलांग लगाने की क्षमता अद्भुत होती है। यह आमतौर पर बिल्ली अँधेरे में और छुपकर, घात लगाकर शिकार करना पसंद करती हैं। इनके नाखून बहुत धारदार होते हैं। आमतौर पर इनके नाखून पंजों में ही छुपे होते हैं परन्तु शिकार करते समय ये बाहर आ जाते हैं। बिल्ली दो तरह की होती हैं जंगली बिल्ली और पालतू बिल्ली। जब जंगली बिल्ली को पाला जाता है और प्रशिक्षण दिया जाता है तो यह पालतू बिल्ली बन जाती हैं।

बिल्लियों को लेकर अलग-अलग देशों में कई तरह के मान्यता हैं। भारत और इसके पडोसी देशों में बिल्लियों का रोना अशुभ माना जाता है। कई जग़ह लोगों का यह भी मानना है कि, अगर बिल्ली रास्ता काट जाए तो अशुभ होता हैं और वह रस्ते से नहीं जाना चाहिए। यह बहुत ही हास्यास्पद हैं क्योंकि शायद ही कोई प्राणी होगा जो कभी रोता ना हो और चलता-फिरता ना हो। मिस्र में बिल्ली को देवी माना जाता हैं और वहां बिल्ली को एक शुभ प्राणी के रूप में जाना जाता है। जापान में भी बिल्लियों को शुभ माना जाता है। कई लोगों का यह भी मानना है की भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं का बिल्लियों को पहले पता चल जाता है।

बिल्ली एक समझदार जानवर है। बिल्लियाँ विभिन्न प्रकार की होती हैं, जो उनके आकार और कुछ भौतिक गुणों पर निर्भर करती हैं। एक बिल्ली काफी ज्यादा सोती है। रिपोर्ट के अनुसार बिल्ली दिनभर में करीब 12 से 20 घंटे तक सो सकती हैं। यह पाया जाता है कि बिल्लियाँ ऊंट और जिराफ की तरह चलती हैं। बिल्लियों के पास मीठा स्वाद की पहचान करने की स्वाद कलिकाएं नहीं होती हैं और उनके लिए मीठे स्वाद का पता लगाना काफी मुश्किल होता है। हमारे पास उनकी तुलना में बहुत कम स्वाद कलिकाएं होती हैं। उन्हें एकमात्र जानवर के रूप में चिह्नित किया गया है जिसमें कोई मीठा स्वाद कलिकाएं नहीं है। उनकी पूंछ उन्हें यहां और वहां कूदते समय संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। ऐसा माना जाता है कि बिल्लियाँ इंसानों के साथ संवाद करने के लिए म्याऊँ का उपयोग करती हैं। एक बिल्ली तक़रीबन सोलह वर्ष तक जीवित रह सकती है।

बिल्ली को फेलिडे परिवार का सबसे छोटा सदस्य माना जाता है। बिल्ली की शक्ल-सूरत बाघ से मिलती-जुलती है। इसीलिए बिल्ली को शेर, बाघ, तेंदुआ और चीता की प्रजाति कहा जाता हैं परन्तु बिल्ली आकार में इनसे छोटी होती हैं। इसलिए भारत में बिल्ली को शेर की मौसी भी कहते है। बिल्लियाँ इस परिवार की सबसे छोटी सदस्य होती हैं। बिल्ली एक बहुत ही प्यारी और शर्मीली जानवर है।


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